
अंचल अधिकारी से अभद्र व्यवहार का आरोप, झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ ने योगेंद्र साव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
प्रशासनिक अधिकारी से कथित अभद्र व्यवहार पर गरमाया मामला, JHASA ने योगेंद्र साव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की
झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा संघ (JHASA) की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक संघ की अध्यक्ष रंजीता हेम्ब्रम की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में हजारीबाग के अंचल अधिकारी-सह-खास महत पदाधिकारी श्री आनंदेश्वर के साथ कथित अभद्र व्यवहार की घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
https://youtu.be/9JTxLHVj1cM?si=beisGwCvFztGCzUr
संघ के अनुसार, 18 सितंबर 2026 को अनुमंडल पदाधिकारी हजारीबाग के निर्देश पर अंचल अधिकारी सदर हजारीबाग द्वारा मौजा कैंटोनमेंट स्थित खास महल की सरकारी भूमि पर हो रहे अनधिकृत निर्माण एवं अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी।
https://youtu.be/ZSTPZf9jM6Q?si=W8VYUSOkCbCXLHWf
संघ ने आरोप लगाया गया है कि कार्रवाई के दौरान पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक योगेंद्र साव ने अंचल अधिकारी के साथ कथित तौर पर अत्यंत अभद्र, आपत्तिजनक एवं असंसदीय भाषा का प्रयोग किया।
संघ के मुताबिक, इस घटना को लेकर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करने और आगे की कार्रवाई के लिए 18 सितंबर को ही आवेदन दिया गया था, लेकिन प्रेस विज्ञप्ति जारी होने तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी।
झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा संघ ने इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी निंदा करते हुए मांग की है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने तथा पदाधिकारी के साथ कथित अभद्र व्यवहार के मामले में पूर्व मंत्री एवं विधायक के विरुद्ध अविलंब कड़ी कार्रवाई की जाए और गिरफ्तारी की जाए।
संघ ने यह भी कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अनुमंडल पदाधिकारी हजारीबाग के निर्देश पर की गई थी। इसके बावजूद जिला प्रशासन के स्तर पर अब तक इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किए जाने को संघ ने गंभीर विषय बताया है।
रंजीता हेम्ब्रम ने चेतावनी दी गई है कि यदि पदाधिकारियों को उनके कार्यों के निष्पादन में विरोधी पक्षों की ओर से आवश्यक संरक्षण एवं समर्थन नहीं मिलता है, तो संघ पदाधिकारियों के कार्य बहिष्कार एवं चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य हो सकता है।
संघ ने अपने अधिकारियों के मनोबल और सम्मान की रक्षा के लिए आवश्यक संस्थागत एवं विधिक सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी दोहराई है।




