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झारखंड की सियासत में बड़ा सियासी एक्शन

कांग्रेस का बड़ा एक्शन: मुख्यमंत्री और अधिकारियों पर विवादित बयान के बाद योगेंद्र साव पर गिरी गाज, 3 साल का निलंबन

हेमंत सोरेन पर बयानबाजी पड़ी भारी! कांग्रेस ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को 3 साल के लिए किया निलंबित

कांग्रेस का बड़ा एक्शन: मुख्यमंत्री और अधिकारियों पर विवादित बयान के बाद योगेंद्र साव पर गिरी गाज, 3 साल का निलंब

झारखंड की सियासत में बड़ा सियासी एक्शन

रांची। झारखंड की राजनीति में अपने बेबाक और विवादित बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के खिलाफ पार्टी ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयानबाजी के मामले में कांग्रेस ने योगेंद्र साव को तीन साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है।

बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में योगेंद्र साव ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। यह मामला उस वक्त और गरमा गया, जब जिला प्रशासन की कार्रवाई में उनके आवास पर बुलडोजर चलाकर निर्माण को हटाया गया। कार्रवाई से नाराज योगेंद्र साव ने मुख्यमंत्री और प्रशासन को निशाने पर लेते हुए बयान दिया था।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

योगेंद्र साव इससे पहले भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बयानबाजी को लेकर कांग्रेस के निशाने पर आ चुके हैं। पार्टी ने पूर्व में उनके खिलाफ छह साल के निष्कासन की कार्रवाई की थी। हालांकि बाद में दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद उनका निष्कासन वापस लिया गया और पार्टी में उनकी वापसी हुई।

लेकिन मुख्यमंत्री के खिलाफ दोबारा बयानबाजी के बाद एक बार फिर पार्टी नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाया। गठबंधन सरकार के भीतर इस तरह की बयानबाजी से पैदा हो रही राजनीतिक असहजता के बीच कांग्रेस ने अब योगेंद्र साव के खिलाफ तीन साल के निलंबन का फैसला लिया है।

अम्बा प्रसाद की राजनीतिक भूमिका पर भी नजर

योगेंद्र साव की बेटी और पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। ऐसे में योगेंद्र साव पर हुई इस कार्रवाई का राजनीतिक असर भी चर्चा का विषय बन गया है।

अब बड़ा सवाल यह है कि कांग्रेस के इस फैसले के बाद योगेंद्र साव की अगली राजनीतिक रणनीति क्या होगी और क्या वह पार्टी नेतृत्व के खिलाफ कोई नया राजनीतिक कदम उठाएंगे?

झारखंड की सियासत में इस कार्रवाई के बाद आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।

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