JSSC-CGL परीक्षा रद्द
CGL समेत कई भर्तियां रद्द, 17 पुरानी परीक्षाओं की भी जांच; परीक्षा सुधार के लिए सरकार ने उठाए बड़े कदम

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं पर बड़ा एक्शन: JPSC-JSSC समेत कई परीक्षाएं रद्द, हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य फिर अधर में
CGL समेत कई भर्तियां रद्द, 17 पुरानी परीक्षाओं की भी जांच; परीक्षा सुधार के लिए सरकार ने उठाए बड़े कदम
रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर सरकार के हालिया फैसलों ने हजारों अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है। अनियमितताओं और कदाचार के आरोपों के बीच JPSC, JSSC-CGL समेत कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं को रद्द या स्थगित करने का फैसला लिया गया है। इससे उन अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई है, जो लंबे समय से नियुक्ति की उम्मीद लगाए बैठे थे।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार 11वीं–13वीं JPSC में 342 पदों, FRO में 54, SDPO में 63, महिला पर्यवेक्षिका में 237 और JSSC-CGL में 1,932 अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई है। हालांकि इसे सीधे तौर पर सभी चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी समाप्त होना कहना सही नहीं होगा, बल्कि संबंधित परीक्षा/भर्ती प्रक्रिया रद्द होने से उनकी नियुक्ति प्रभावित हुई है।
कई बड़ी परीक्षाओं पर लगा ब्रेक
रद्द या प्रभावित होने वाली प्रमुख भर्तियों में विश्वविद्यालयों के नॉन-टीचिंग पद, सहायक निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के सहायक प्रोफेसर, सरकारी पॉलिटेक्निक के लेक्चरर, मेडिकल कॉलेजों के सुपर स्पेशलिस्ट सहायक प्रोफेसर, सिविल जज, सहायक वन संरक्षक, वन रेंज अधिकारी, सहायक लोक अभियोजक, फूड सेफ्टी ऑफिसर और चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर जैसी नियुक्तियां शामिल हैं।
इसके अलावा झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2025 की नियमित एवं बैकलॉग भर्ती, 2023 बैकलॉग और संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2023 पर भी कार्रवाई की गई है। 6वीं सीमित डिप्टी कलेक्टर भर्ती और झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट 2024 भी प्रभावित परीक्षाओं की सूची में शामिल हैं।
JSSC-CGL भी रद्द
JSSC की CGL परीक्षा, विज्ञापन संख्या 10/2023, को भी रद्द कर दिया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक SIT जांच और CID के निष्कर्षों के आधार पर यह निर्णय लिया गया।
17 पुरानी परीक्षाएं भी जांच के दायरे में
सरकार ने पुरानी परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच भी CID को सौंपने का फैसला किया है। जांच के दायरे में 17 पुरानी परीक्षाएं शामिल हैं। इनमें 5वीं संयुक्त सिविल सेवा भर्ती 2013, सिविल जज, मृदा संरक्षण अधिकारी, कृषि अधिकारी, फूड सेफ्टी ऑफिसर, डेंटिस्ट, भूविज्ञानी-रसायनज्ञ, सहायक अभियंता और डेंटल डॉक्टर जैसी परीक्षाएं शामिल हैं।
अन्य परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित
TDPL के अलावा अन्य एजेंसियों से प्रारंभिक प्रक्रिया वाली कुछ परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित किया गया है। इनमें फूड एनालिस्ट, डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसीक्यूशन, प्रोजेक्ट मैनेजर, फैक्ट्री इंस्पेक्टर, बॉयलर इंस्पेक्टर और डायरेक्टर पद की भर्तियां शामिल हैं। संबंधित एजेंसियों के क्रेडेंशियल्स की जांच भी CID को सौंपी गई है।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार की तैयारी
सरकार ने JPSC और JSSC में अनियमितता एवं कदाचार से जुड़े मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने के लिए हाईकोर्ट से अनुरोध करने का निर्णय लिया है। दोनों आयोगों में आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ गठित करने की बात भी कही गई है।
इसके साथ ही परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति में अन्य अधिकारियों के साथ प्रतिष्ठित संस्थानों के निदेशकों को भी शामिल किया जाएगा। समिति को दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।
भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और पुरानी परीक्षाओं की जांच के फैसले से जहां सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार की दिशा में कदम उठाने का दावा किया है, वहीं वर्षों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों के सामने अब दोबारा परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया की अनिश्चितता खड़ी हो गई है।




