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धुर्वा में तीसरी बार सामूहिक विवाह: 72 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में, 51 हिन्दू दुल्हन व , 21 मुस्लिम दुल्हनें बनीं एकता की मिसाल

धुर्वा में तीसरी बार सामूहिक विवाह: 72 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में, 51 हिन्दू दुल्हन व , 21 मुस्लिम दुल्हनें बनीं एकता की मिसाल*

जनहित सेवा ट्रस्ट का आयोजन, रेनू सिंह की अगुवाई में हुईं शादियां; धर्मेंद्र गिरी-वसीम अकरम रहे मौजूद, राहुल सिंह बोले- ‘मां का सपना पूरा करना है’

 

*हटिया/रांची:* धुर्वा में रविवार को सामाजिक सौहार्द का तीसरा अध्याय लिखा गया। *जनहित सेवा ट्रस्ट* द्वारा *तीसरी बार* आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में *72 जोड़े* एक-दूजे के हुए। इस बार भी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल कायम हुई – *21 मुस्लिम महिलाएं* समेत सभी धर्मों के जोड़ों ने एक ही मंडप से विदाई ली।

*क्या है पूरा मामला:*

 

ट्रस्ट की संस्थापिका *रेनू सिंह* के नेतृत्व में हुए इस भव्य आयोजन में पारंपरिक रीति-रिवाजों से सभी 72 शादियां संपन्न कराई गईं। नवविवाहित जोड़ों और उनके परिवारों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। ट्रस्ट की ओर से सभी जोड़ों को *घरेलू उपयोग का आवश्यक सामान* और आशीर्वाद दिया गया।

 

*कौन-कौन रहा मौजूद:*

मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार व रांची प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष *धर्मेंद्र गिरी* और समाजसेवी *वसीम अकरम* विशेष रूप से उपस्थित रहे। _News Wave Jharkhand_ की टीम से *सौरव सिंह*, *श्रुति सिंह*, *विनीत उपाध्याय* और *ऋत्तिक सिंह* ने कार्यक्रम में सहयोग किया,सचिव राहुल कुमार सिंह शिल्पी कुमारी वर्मा पूजा देवी ज्योति शर्मा शांति उड़ावो अभिषेक चौहान आकाश बाबा सूरज बाबा DK Yadav आकाश शर्मा मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार धर्मेंद्र गिरी बिंदु सिंहa

 

*उपहार वितरण:*

 

*ज्योति सिंह* एवं _News Wave Jharkhand_ की ओर से समारोह में मौजूद महिलाओं को साड़ी और मुस्लिम महिलाओं को सूट वितरित किए गए। सभी नवविवाहित जोड़ों को सुखद, सफल और उज्ज्वल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दी गईं।

 

*संस्था सचिव का संकल्प:*

ट्रस्ट के सचिव *राहुल सिंह* ने कहा, _”मां रेनू सिंह का ये सपना है। इसे हर संभव पूरा करना है। समाज को जोड़ने का ये काम रुकने वाला नहीं है। हर साल और भव्य होगा।”_

 

*धर्मेंद्र गिरी ने कहा:*

 

_”धुर्वा से तीसरी बार एकता का संदेश गया है। 21 मुस्लिम बेटियां जब हिंदू बहनों के साथ विदा होती हैं तो नफरत खुद हार जाती है। ये आयोजन झारखंड का गौरव है।”_

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