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योगेंद्र साव के निष्कासन पर भड़का तेली समाज, कहा समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं

निष्कासित योगेंद्र साव के मुद्दे पर तेली समाज की बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस को चेतावनी

योगेंद्र साव के निष्कासन पर भड़का तेली समाज, कहा समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं

निष्कासित योगेंद्र साव के मुद्दे पर तेली समाज की बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस को चेतावनी

 

रांची: तेली समाज के अगुआ नेता और पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव को कांग्रेस पार्टी द्वारा निष्कासित किए जाने के बाद समाज में आक्रोश गहरा गया है। तेली अधिकार मंच ने इस फैसले को समाज का अपमान बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

बुधवार को मोरहाबादी में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मंच के संयोजक निरंजन तेली ने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के 20 मार्च को योगेंद्र साव को तीन वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित करना पूरी तरह अनुचित है।

उन्होंने इसे तेली समाज की उपेक्षा और अपमान करार देते हुए कांग्रेस पार्टी को चेतावनी दी कि यदि इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया गया और संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो समाज सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन करेगा।

उन्होंने कहा कि योगेंद्र साव ने हजारीबाग जिले में कांग्रेस की जड़ को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। पिछले 15 वर्षों तक बड़कागांव विधानसभा सीट को कांग्रेस की झोली में डालने का काम उन्होंने किया। आज तेली समाज का जो झुकाव कांग्रेस की ओर है, उसमें योगेंद्र साव का बड़ा योगदान रहा है।

निरंजन तेली ने आगे कहा कि झारखंड अलग राज्य आंदोलनकारी योगेंद्र साव को बिना किसी कारण पार्टी से निष्कासित करना यह दर्शाता है कि कांग्रेस झारखंड में तेली समाज को कमजोर करना चाहती है और उसे उसके अधिकारों से वंचित रखना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में आदिवासी, दलित, शोषित और वंचितों की आवाज उठाना आज अपराध जैसा प्रतीत होने लगा है। उन्होंने कहा कि योगेंद्र साव पिछले दो दशकों से हजारीबाग जिले के बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र में जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा विस्थापितों को भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत उचित मुआवजा दिलाने की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं और यह संघर्ष आज भी जारी है। ऐसे में कांग्रेस को उनके साथ खड़ा होना चाहिए था, लेकिन इसके विपरीत पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया। मंच ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस कॉरपोरेट के प्रभाव में काम कर रही है और बिना जांच-पड़ताल अपने जमीनी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि “विनाश काले विपरीत बुद्धि” की कहावत कांग्रेस के इस फैसले पर सटीक बैठती है। वहीं मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्य संरक्षक हरिनाथ साहू ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि तेली समाज लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि तेली समाज के प्रति इतना भेदभाव क्यों किया जा रहा है। प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक निर्मला देवी के साथ एनटीपीसी और प्रशासन द्वारा किए गए व्यवहार पर भी कड़ी आपत्ति जताई गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया, जो निंदनीय है। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि कांग्रेस ने योगेंद्र साव को निष्कासित कर अपने ही संगठन की जड़ों को कमजोर करने का काम किया है।
प्रेस वार्ता में पंकज कश्यप, धनेश्वर साहू, संजय प्रसाद, निरंजन तेली और विशाल साहू सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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