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खनिज संपदा पर आर-पार की लड़ाई

खनिज संपदा पर पहला अधिकार यहां की जनता के हित और राज्य के विकास का:आबिद अली

खनिज संपदा पर आर-पार की लड़ाई, राजद ने किया जनसंघर्ष का ऐलान

रांची। झारखंड की खनिज संपदा और स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने केंद्र सरकार के खिलाफ निर्णायक जनसंघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। राजद के प्रदेश प्रवक्ता आबिद अली ने खनन एवं खनिज संशोधन विधेयक को झारखंड के जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों पर सीधा प्रहार बताते हुए कहा कि पार्टी आदिवासी, मूलवासी, गरीब और श्रमिक वर्ग के हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगी।

राजद के प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक संजय कुमार सिंह यादव के निर्देश पर पार्टी अब इस मुद्दे को सड़क से सदन तक ले जाने की तैयारी में है। आबिद अली ने कहा कि केंद्र की नीतियों का असर झारखंड के राजस्व और विकास पर पड़ सकता है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, वृद्धावस्था पेंशन और मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर पहला अधिकार यहां की जनता के हित और राज्य के विकास का होना चाहिए। राजद इस लड़ाई को महज राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि इसे व्यापक जनआंदोलन का रूप देगा।

पार्टी ने जिलाध्यक्षों, प्रखंड अध्यक्षों, पंचायत अध्यक्षों और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों को जनता के बीच सक्रिय होने का निर्देश दिया है। गांव से शहर और पंचायत से जिला मुख्यालय तक जनजागरण अभियान चलाने के साथ महागठबंधन के सहयोगी दलों के साथ समन्वय कर लोकतांत्रिक आंदोलन खड़ा करने की तैयारी है।

आबिद अली ने स्पष्ट कहा कि झारखंड की माटी, जल-जंगल-जमीन और यहां के आदिवासी-मूलवासी एवं गरीब जनता के अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजद कार्यकर्ता पूरी मजबूती से जनता के बीच उतरेंगे और राज्य की संपदा एवं लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे।

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