₹2.48 करोड़ के निर्माण पर बड़ा सवाल! पुरानी दीवार पर नया प्लास्टर,
₹2.48 करोड़ के निर्माण पर बड़ा सवाल! पुरानी दीवार पर प्लास्टर कर नया दिखाने का आरोप

करोड़ों का काम या पुराने निर्माण की मरम्मत? जांच की मांग, प्राक्कलन और मौके के काम पर उठे सवाल

₹2.48 करोड़ के निर्माण पर बड़ा सवाल! पुरानी दीवार पर प्लास्टर कर नया दिखाने का आरोप
रांची। करीब ₹2.48 करोड़ की अनुमानित लागत वाले गार्ड वॉल एवं चहारदीवारी निर्माण कार्य को ₹2.08 करोड़ में M/s Vinod Construction को दिए जाने के बाद अब निर्माण की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय स्तर पर आरोप है कि नई चहारदीवारी का निर्माण करने के बजाय पुरानी दीवार पर प्लास्टर कर उसे नया स्वरूप दिया जा रहा है। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है, तो निर्माण कार्य में तकनीकी एवं वित्तीय अनियमितता की गंभीर आशंका सामने आ सकती है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि करोड़ों रुपये की लागत से स्वीकृत इस परियोजना में क्या मौके पर स्वीकृत प्राक्कलन और नक्शे के अनुरूप नया निर्माण हो रहा है, या पुराने निर्माण को ही नया दिखाकर भुगतान किया जा रहा है?

परियोजना की कार्यकारी जिम्मेदारी NREP के कार्यपालक अभियंता की बताई गई है, जबकि निर्माण कार्य पुलिस आवास निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता द्वारा अनुमोदित नक्शे एवं प्राक्कलन के अनुसार कराया जाना निर्धारित है।
ऐसे में निर्माण स्थल की तकनीकी जांच, पुरानी और नई दीवार की मापी, स्वीकृत प्राक्कलन से मौके के काम का मिलान और भुगतान से जुड़े अभिलेखों की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
हमारी टीम ने वार्ड 29 के पार्षद सुनील यादव एवं आदिवासी नेता अजय तिर्की से बात करने की कोशिश की और सवाल भी किये, परन्तु जवाब देने से मुकरे। अब ऐसा प्रतीत होता है कि इस चाहरदीवारी निर्माण में घोर संलिप्तता दिखाई पड़ रही है। फिलहाल लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ है या नहीं और सरकारी राशि का उपयोग नियमानुसार किया गया है।




