E-PaperUncategorizedक्राइमझारखंडराज्यलोकल न्यूज़
Trending

लातेहार में अवैध नर्सिंग होम

लातेहार में अवैध नर्सिंग होम- क्लीनिक का आरोप, न फायर NOC न बायो-मेडिकल वेस्ट लाइसेंस; सिविल सर्जन बोले—जांच जारी

बालूमाथ-चंदवा में स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी का आरोप, स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर उठे सवाल; दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा

लातेहार में अवैध नर्सिंग होम- क्लीनिक का आरोप, न फायर NOC न बायो-मेडिकल वेस्ट लाइसेंस; सिविल सर्जन बोले—जांच जारी

लातेहार। जिले के बालूमाथ, चंदवा समेत विभिन्न क्षेत्रों में बिना वैध पंजीकरण के नर्सिंग होम और निजी क्लीनिक संचालित किए जाने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय सूत्रों और स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार, कुछ निजी स्वास्थ्य संस्थानों में क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट, 2010 के तहत आवश्यक पंजीकरण के साथ-साथ अग्निशमन, बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े जरूरी मानकों के पालन में भी कथित लापरवाही बरती जा रही है।

स्वास्थ्य कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ निजी संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप वेतन नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि बेरोजगारी की स्थिति का फायदा उठाकर कर्मचारियों पर दबाव बनाया जाता है।

जानकारी के अनुसार, झारखंड में निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों के लिए निर्धारित नियमों के तहत पंजीकरण और संबंधित वैधानिक अनुमतियां जरूरी हैं। ऐसे में बिना आवश्यक दस्तावेजों के किसी स्वास्थ्य संस्थान के संचालन की स्थिति में नियामकीय कार्रवाई का प्रावधान है।

बालूमाथ में पहले भी अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों को लेकर कार्रवाई हो चुकी है। मार्च 2025 में एक नर्सिंग होम को सील किए जाने और अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद होने की बात सामने आई थी। इस मामले के बाद भी यदि बिना आवश्यक अनुमति के स्वास्थ्य संस्थान संचालित होने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो विभागीय निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

विभाग ने कहा—जांच के बाद होगी कार्रवाई

मामले को लेकर असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, लातेहार से संपर्क किया गया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। उनके अनुसार, बालूमाथ में स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अब देखना होगा कि विभागीय जांच में कितने संस्थान नियमों के अनुरूप पाए जाते हैं और किन संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई होती है। स्थानीय लोगों ने अवैध स्वास्थ्य संस्थानों पर प्रभावी कार्रवाई के साथ नियमित निगरानी की मांग की है, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!