E-Paperक्राइमझारखंडलोकल न्यूज़
Trending

जलमीनार जमीन पर नहीं, भुगतान की फाइल में खड़ा!

2.49 लाख की जलमीनार योजना में 1.49 लाख निकासी पर घमासान, फर्जी MB-वाउचर के आरोप से मचा हड़कंप

भुसूर में जलमीनार योजना पर 1.49 लाख भुगतान को लेकर विवाद, JMM प्रखंड अध्यक्ष ने मांगी उच्चस्तरीय जांच

Oplus_131072

लातेहार। भुसूर पंचायत के सरईडीह स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय परिसर में जलमीनार निर्माण योजना को लेकर कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। JMM के लातेहार प्रखंड अध्यक्ष आर्सेन तिर्की ने उप विकास आयुक्त (DDC) को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि जलमीनार का निर्माण पूरा किए बिना ही 1 लाख 49 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि 2 लाख 49 हजार 800 रुपये की योजना में कथित तौर पर फर्जी मापी पुस्तिका (MB) और वाउचर के आधार पर राशि की निकासी की गई। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के साथ विशेष जांच समिति गठित करने की मांग की है।

क्या है आरोप?

आर्सेन तिर्की के अनुसार, विद्यालय में बच्चों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम सभा एवं पंचायत कार्यकारिणी की बैठक के बाद जलमीनार निर्माण की योजना स्वीकृत हुई थी। इसके बाद कार्य की जिम्मेदारी मनिका की अनिका इंटरप्राइजेज को दी गई।

आरोप है कि एजेंसी के प्रोपराइटर उपेंद्र यादव ने मौके पर जलमीनार का निर्माण किए बिना ही भुगतान प्राप्त कर लिया। शिकायत में संबंधित अभिलेख, MB, वाउचर और बैंक लेनदेन की जांच कराने की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता ने वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के दौरान लातेहार, मनिका, बालूमाथ, हेरहंज और चंदवा प्रखंडों में अनिका इंटरप्राइजेज से जुड़े कार्यों एवं भुगतानों की भी जांच की मांग की है।

मुखिया और एजेंसी ने दी सफाई

मामले में भुसूर मुखिया सुरेंद्र भगत का कहना है कि निर्माण सामग्री मौके पर पहुंच चुकी है, लेकिन बारिश और नदी में पानी बढ़ने के कारण काम प्रभावित हुआ। उनका कहना है कि योजना में अग्रिम भुगतान का प्रावधान है।

वहीं एजेंसी के प्रोपराइटर उपेंद्र यादव ने कहा कि योजना का काम चल रहा है। बरसात के कारण काम प्रभावित हुआ था और मौसम साफ होने के बाद काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने भुगतान को अग्रिम राशि बताया।

अब बड़ा सवाल यह है कि 2.49 लाख रुपये की योजना में 1.49 लाख रुपये के भुगतान की प्रक्रिया क्या थी और भुगतान से पहले कितना काम वास्तव में पूरा हुआ था? इसका स्पष्ट जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।

SIT जांच की मांग

JMM प्रखंड अध्यक्ष ने DDC से पूरे मामले की जांच के लिए विशेष समिति गठित करने, एजेंसी के बैंक खाते एवं लेनदेन की जांच कराने और अनियमितता साबित होने पर वेंडर निबंधन रद्द करने तथा प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।

शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री सचिवालय, मुख्य सचिव, ग्रामीण विकास मंत्री, उपायुक्त लातेहार और BDO लातेहार को भी भेजी गई है।

अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर हैं—क्या जलमीनार योजना में वास्तव में नियमों की अनदेखी हुई या भुगतान नियमानुसार अग्रिम के रूप में किया गया? जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!