NCCF
सहकारिता के गौरवमयी 5 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर किया गया पौधरोपण

राष्ट्रीय सहकारी सप्ताह पर NCCF का हरित संकल्प: रिम्स परिसर में वृहद पौधरोपण अभियान, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
सहकारिता के गौरवमयी 5 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चिकित्सकों, प्रशासनिक अधिकारियों और एनसीसीएफ पदाधिकारियों ने मिलकर लगाए पौधे, प्रकृति संरक्षण और जन-कल्याण का लिया संकल्प
रांची। भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित (NCCF) ने राष्ट्रीय सहकारी सप्ताह एवं सहकारिता के गौरवमयी 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची परिसर में वृहद पौधरोपण अभियान का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना, हरित वातावरण का निर्माण करना तथा मानव स्वास्थ्य और प्रकृति के बीच गहरे संबंध को मजबूत करना था।
रिम्स परिसर में आयोजित इस अभियान में संस्थान के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सा विशेषज्ञों, एनसीसीएफ के पदाधिकारियों तथा एमबीबीएस के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने विभिन्न प्रकार के औषधीय, छायादार एवं सजावटी पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में रिम्स के निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा, एकेडमिक डीन डॉ. लखन मांझी, वेलफेयर डीन डॉ. शिवप्रिया, उप-निदेशक सुरेंद्र कुमार गोपे, लेखा अधिकारी सविता जरीका, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.के. त्रिपाठी, सहायक प्राध्यापक डॉ. राजेंद्र एवं डॉ. शिशिर सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर एनसीसीएफ रांची शाखा के प्रबंधक प्रिंस कुमार ने कहा कि संगठन के लिए यह वर्ष विशेष महत्व का है, क्योंकि सहकारिता के क्षेत्र में पांच वर्ष की सफल यात्रा पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सहकारी सप्ताह के दौरान रिम्स जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान के साथ मिलकर पौधरोपण अभियान चलाना संगठन के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सहकारिता का मूल उद्देश्य केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और जन-कल्याण को भी समान महत्व देना है।
उन्होंने कहा कि पौधरोपण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे अभियान समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सामूहिक भागीदारी की भावना को भी मजबूत करते हैं।
रिम्स के एकेडमिक डीन डॉ. लखन मांझी ने एनसीसीएफ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अस्पताल एवं चिकित्सा परिसरों में अधिक से अधिक हरियाली विकसित करना समय की आवश्यकता है। औषधीय एवं प्राकृतिक पौधे वातावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ मरीजों, चिकित्सकों और आम लोगों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण आज स्वास्थ्य संरक्षण का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों और

चिकित्सकों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधों के संरक्षण, नियमित सिंचन और उनकी देखरेख का सामूहिक संकल्प लिया। एनसीसीएफ के प्रतिनिधियों ने रिम्स प्रबंधन, निदेशक, डीन, चिकित्सकों एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी संगठन सामाजिक सरोकार, पर्यावरण संरक्षण और जनहित से जुड़े ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित करता रहेगा।
इस अवसर पर रिम्स परिसर में हरियाली बढ़ाने की दिशा में अनेक पौधे लगाए गए, जिससे संस्थान का वातावरण और अधिक स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई। कार्यक्रम ने सहकारिता, सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रभावी संदेश दिया।



