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झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) द्वारा 19 अप्रैल 2026 को आयोजित परीक्षा अब विवादों में

JPSC परीक्षा 2026 पर गंभीर सवाल: बायोमेट्रिक गड़बड़ी और OMR त्रुटि को लेकर अभ्यर्थी का बड़ा आरोप, आंदोलन की चेतावनी

रांची/गढ़वा:  झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) द्वारा 19 अप्रैल 2026 को आयोजित परीक्षा अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। गढ़वा के अभ्यर्थी कमलेश चौधरी ने आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा कर दिया है।
कमलेश चौधरी का कहना है कि परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया में भारी लापरवाही बरती गई। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा शुरू होने से पहले बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया, लेकिन परीक्षा समाप्ति के बाद जब अभ्यर्थी हॉल से बाहर निकल रहे थे, तब दोबारा वेरिफिकेशन कराया जा रहा था। इतना ही नहीं, उपस्थिति पत्रक (अटेंडेंस शीट) पर निर्धारित स्थान पर वेरिफिकेशन स्टिकर भी नहीं लगाया गया। पूछने पर अधिकारियों ने इसे “मिस्टेक” बताते हुए मामला टाल दिया, जिससे अभ्यर्थी ने “सेटिंग-गेटिंग” की आशंका जताई है।
दूसरा गंभीर आरोप प्रश्न पुस्तिका और उत्तर पुस्तिका (OMR शीट) में तकनीकी गड़बड़ी को लेकर लगाया गया है। अभ्यर्थी के अनुसार, प्रश्न पुस्तिका में जहां 7 अंकों का बुकलेट नंबर दिया गया था, वहीं उत्तर पुस्तिका में केवल 6 अंकों का बॉक्स बना हुआ था। एक अतिरिक्त अंक को पेन से अलग बॉक्स बनाकर भरवाया गया और नीचे ब्लैक गोला भी करवाया गया। इस प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों में भ्रम और संदेह की स्थिति बनी रही।
कमलेश चौधरी ने आशंका जताई है कि इस तरह की त्रुटियों के कारण OMR शीट कंप्यूटर जांच में सही तरीके से प्रोसेस नहीं हो पाएगी, जिससे परिणाम प्रभावित हो सकता है। उन्होंने सीधे तौर पर इसकी जिम्मेदारी आयोग और राज्य सरकार पर डालते हुए कहा कि अगर रिजल्ट खराब होता है तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे।
अभ्यर्थी ने मीडिया के माध्यम से आयोग से 24 से 48 घंटे के भीतर स्पष्ट स्पष्टीकरण देने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि समय पर जवाब नहीं मिला तो इस परीक्षा को निष्पक्ष नहीं माना जाएगा और छात्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ने पर आयोग के कार्यालय पर ताला भी जड़ा जा सकता है।
अब देखना होगा कि आयोग इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या अभ्यर्थियों की आशंकाओं का समाधान हो पाता है या मामला और तूल पकड़ता है।

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