हुंकार: रांची में गूंजा ‘जय भवानी–जय महाराणा’, करणी सेना के 7वें स्थापना दिवस पर उमड़ा क्षत्रिय स्वाभिमान का जनसैलाब यूजीसी इक्विटी बिल के विरोध में प्रखर स्वर — “सामान्य वर्ग को मरने की दवा नहीं चलेगी”

@ डॉ. धीरज सिंह ‘सूर्यवंशी’ ऊर्फ बिनु सिंह
रांची: वीर शिरोमणियों की पावन धरती एवं अमर बलिदानी ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव की संघर्षभूमि रांची एक बार पुनः राजपुताना ओज और सनातनी शौर्य से आलोकित हो उठी। राजधानी के करम टोली चौक स्थित प्रेस क्लब (स्व. हरि नारायण सिंह सभागार) में बुधवार की देर शाम करणी सेना (पंजीकृत) का 7वां स्थापना दिवस समारोह राजपूताना आन-बान-शान के साथ संपन्न हुआ।
पूरा सभागार केसरिया रंग में रंगा दिखा और “जय भवानी! जय महाराणा! भारत माता की जय!” के जयघोष से वातावरण गूंजायमान हो उठा।
विधिवत शुभारंभ: राष्ट्रभाव और शौर्य का संगम:-
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं करणी माता के तैलचित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से सभागार राष्ट्रभक्ति से सराबोर हो गया।
सनातन परंपरा के निर्वहन में प्रदेश नेतृत्व द्वारा समस्त प्रमुख एवं गणमान्य अतिथियों को अंगवस्त्र एवं शौर्य प्रतीक तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं उपस्थित प्रत्येक करणी सैनिक एवं समाजजन के कंधों पर केसरिया गमछा ओढ़ाकर उनका अभिनंदन किया गया। क्षत्रिय वीरांगनाओं की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
अध्यक्षता ठाकुर प्रवीण सिंह, संचालन डॉ. धीरज सिंह ‘सूर्यवंशी’ ऊर्फ बिनु सिंह:-
समारोह की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर प्रवीण सिंह ने की, जबकि संचालन की ओजस्वी कमान प्रदेश महामंत्री डॉ. धीरज सिंह “सूर्यवंशी” उर्फ बिनु सिंह ने संभाली।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पाल अम्मू स्वास्थ्य कारणों से उपस्थित नहीं हो सके, किंतु उन्होंने वीडियो संदेश के माध्यम से समाज को संबोधित किया। उनके संदेश को राष्ट्रीय मंत्री अमन सिंह ने मंच से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
यूजीसी इक्विटी बिल पर प्रखर विरोध:-
समारोह में यूजीसी इक्विटी बिल को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। इसे सामान्य वर्ग के हितों के विरुद्ध बताया गया।
प्रदेश महामंत्री डॉ. धीरज सिंह “सूर्यवंशी” उर्फ बिनु सिंह का बयान:-
“देश के नीति नियंता एक ओर सामान्य वर्ग के लिए जीने की दुआ करते हैं, वहीं दूसरी ओर यूजीसी जैसे विभेदकारी रेगुलेशन लाकर उन्हें ‘मरने की दवा’ थमा रहे हैं। यह बिल समाज में जातीय विभाजन को बढ़ावा देगा। क्षत्रिय समाज इसे कदापि स्वीकार नहीं करेगा।”
प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर प्रवीण सिंह का वक्तव्य:-
“राजपूत समाज सदैव राष्ट्र निर्माण में अग्रणी रहा है। हम सामाजिक समरसता के पक्षधर हैं, परंतु किसी भी प्रकार के अन्याय और भेदभाव को सहन नहीं करेंगे। समाज की एकजुटता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।”
राष्ट्रीय मंत्री अमन सिंह का संबोधन:-
“करणी सेना केवल संगठन नहीं, बल्कि स्वाभिमान की आवाज है। जब भी समाज के अधिकारों पर प्रहार होगा, हम लोकतांत्रिक तरीके से उसका प्रतिकार करेंगे। राष्ट्रहित और समाजहित सर्वोपरि है।”
प्रदेश संगठन महामंत्री हरि सिंह का वक्तव्य:-
“आज आवश्यकता है कि हम संगठित होकर अपनी भावी पीढ़ी के अधिकारों की रक्षा करें। संगठन की शक्ति ही हमारी पहचान है। जब-जब स्वाभिमान पर चोट हुई है, क्षत्रिय समाज ने इतिहास रचा है।”
वीरांगनाओं और योद्धाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति:-
इस ऐतिहासिक अवसर पर पुरुष वीर योद्धाओं के साथ भारी संख्या में क्षत्रिय वीरांगनाएं भी पारंपरिक वेशभूषा और स्वाभिमान के साथ उपस्थित रहीं।
समारोह के समापन पर प्रदेश नेतृत्व के सौजन्य से सभी आगंतुकों के लिए सुरुचिपूर्ण प्रीतिभोज की व्यवस्था की गई।
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति:-
समारोह में मुख्य रूप से प्रवीण सिंह, अमन सिंह, डॉ. धीरज सिंह “सूर्यवंशी” उर्फ बिनु सिंह, हरि सिंह, स्वामी जी, विजय सिंह, जय श्रीवास्तव, अमरेंद्र सिंह, सूरज सिंह, विकास वर्मा, स्वाति सिंह, गिरिजा शंकर, गोपाल सिंह, विक्रम सिंह, सुशील सिंह, निर्भय सिंह, बबिता सिंह, विजेता सिंह, पी के सिंह, दीपक सिंह, श्याम किशोर सिंह, संतोष सिंह, नीरज सिंह, मुन्ना सिंह, अभिनाश सिंह, आलोक सिंह, रवि सिंह, आराधना सिंह, समर्पना सिंह, प्रियंका राजपूत, श्वेता सिंह, प्रमोद सिंह एवं संजय शर्मा सहित हजारों की संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
रांची की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित यह 7वां स्थापना दिवस समारोह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि क्षत्रिय स्वाभिमान, संगठन शक्ति और सामाजिक चेतना का विराट प्रदर्शन बनकर उभरा। केसरिया ध्वज की छत्रछाया में गूंजते जयघोषों ने स्पष्ट संकेत दिया कि राजपुताना अस्मिता और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए समाज सजग और संगठित है।
जय भवानी! जय महाराणा! भारत माता की जय! @ डॉ. धीरज सिंह “सूर्यवंशी” ऊर्फ बिनु सिंह



