गवर्नमेंट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज रांची एवं वाई बी एन विश्वविद्यालय रांची के विद्यार्थियों का एकेडमिक एक्सचेंज प्रोग्राम संपन्न

Ranchi : गवर्नमेंट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज रांची एवं वाई बी एन विश्वविद्यालय रांची के विद्यार्थियों का एकेडमिक एक्सचेंज प्रोग्राम संपन्न*

*कक्षा में गैर-मौखिक संचार शक्ति की मौन भाषा है, जो शिक्षण-अधिगम की सामाजिक गतिशीलता को प्रभावित करती है – डॉ. विनय भारत*
*अंग्रेज़ी कविता के शिक्षण को रोचक और रचनात्मक बनाकर विद्यार्थियों में भाषा के प्रति रुचि विकसित की जा सकती है– डॉ. रेमा टी. दास*
आज दिनांक 11 मार्च 2026 को वाई बी एन विश्वविद्यालय, रांची एवं गवर्नमेंट टीचर्स’ ट्रेनिंग कॉलेज, कांके, रांची (इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज़ इन एजुकेशन) के संयुक्त तत्वावधान में अकादमिक एक्सचेंज प्रोग्राम का सफल आयोजन वाईबीएन विश्वविद्यालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता डॉ. विनय भारत, अध्यक्ष, अंग्रेज़ी विभाग, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची रहे। वहीं तकनीकी सत्र की मुख्य वक्ता एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. रेमा टी. दास, सहायक प्राध्यापक, एमिटी विश्वविद्यालय, रांची रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत में गवर्नमेंट टीचर्स’ ट्रेनिंग कॉलेज, रांची के सहायक प्राध्यापक एवं कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. ओम प्रकाश ने विषय प्रवेश करते हुए अतिथियों का परिचय कराया तथा कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अकादमिक आदान-प्रदान कार्यक्रम शिक्षण-प्रशिक्षण को समृद्ध बनाने, नए शैक्षिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा संस्थानों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वाईबीएन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) सत्यदेव पोद्दार ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रशिक्षु शिक्षकों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा में संवाद, अनुभव साझा करना और नवाचार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कार्यक्रम शिक्षकों एवं प्रशिक्षुओं के लिए ज्ञानवर्धक सिद्ध होगा।
विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉ. रंजी यादव एवं सीएमडी डॉ. अंकिता यादव ने सभी अतिथियों को शॉल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

उद्घाटन सत्र में डॉ. विनय भारत ने “ द साइलेंट लैंग्वेज ऑफ पॉवर नॉन वर्बल कम्युनिकेशन एंड सोशल डायनेमिक्स इन द क्लासरूम विषय पर अपना व्याख्यान देते हुए कहा कि कक्षा में शिक्षक की बॉडी लैंग्वेज, हाव-भाव और नेत्र संपर्क विद्यार्थियों पर गहरा प्रभाव डालते हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावी गैर-मौखिक संचार शिक्षण प्रक्रिया को अधिक जीवंत, संवादात्मक और प्रभावशाली बनाता है।
तकनीकी सत्र में डॉ. रेमा टी. दास ने “टीचिंग पोएट्री इन इंग्लिश एंड इंटरेस्टिंग वेज टू टीच विषय पर अपने विचार रखते हुए कविता शिक्षण के रचनात्मक एवं सहभागितापूर्ण तरीकों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गतिविधि-आधारित शिक्षण, अभिनय, दृश्य-श्रव्य माध्यम और समूह चर्चा के माध्यम से विद्यार्थियों में कविता के प्रति रुचि और समझ को बढ़ाया जा सकता है।
कार्यक्रम में गवर्नमेंट टीचर्स’ ट्रेनिंग कॉलेज, रांची के प्रभारी प्राचार्य ने होलिस्टिक अप्रोच इन एजुकेशन पर अपने विचार रखे। डॉ. चंद्रमाधव सिंह ने भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला, डॉ. दुलाल चंद्र महतो ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा की, जबकि डॉ. धनंजय तिवारी ने आध्यात्मिक चिंतन के महत्व को रेखांकित किया।
इस अवसर पर सभी प्रशिक्षु शिक्षकों ने वाईबीएन विश्वविद्यालय के परिसर का भ्रमण किया, जिसमें उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा सेल, इंजीनियरिंग वर्कशॉप, फार्मेसी लैब सहित विश्वविद्यालय के परफॉर्मिंग एंड फाइन आर्ट्स विभाग का अवलोकन किया।
कार्यक्रम का संचालन पल्लवी रॉय, अंशिका कुमारी एवं अमन प्रभात ने किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत वाईबीएन विश्वविद्यालय के बी.एड. प्रशिक्षु दिव्या, दीपाली, रीता, विशाल, विकास, सचिन, समन एवं आसित ने भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित एक स्किट प्रस्तुत किया। वहीं गवर्नमेंट टीचर्स’ ट्रेनिंग कॉलेज के प्रशिक्षु देवाशीष बेनिया, पिंकी, कविता, शिखा एवं मानसी ने सोलो डांस प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया साथ ही गवर्नमेंट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज रांची के अनमोल चंपाई, सन्नी प्रीतम मरांडी, अनुराग मिंज ने गिटार पर नागपुरी गीत प्रस्तुत किया।
निशा एवं उनके समूह ने स्वागत गान प्रस्तुत किया, जबकि प्रियांशी एवं समूह ने सभी अतिथियों एवं विद्यार्थियों का चंदन एवं पुष्प से स्वागत किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. कैलाश, डॉ. पिंकी, डॉ. मांडवी एवं डॉ. सलमा द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम को सफल बनाने में गवर्नमेंट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज रांची के प्रधानमंत्री प्रविंद्र कुमार, उप प्रधानमंत्री आदर्श कुमार, खेल मंत्री प्रेम प्रभात,आकृति,अनमोल, सुधांशु रंजन अहम भूमिका रही। डॉ. संगीता गोप ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।





