पिता सोच को पुत्र ने किया पूरा, भावुक हुई मां वैदिक मंत्रोच्चार और पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ तीन दिवसीय चतुर्वेद महायज्ञरांची

वैदिक मंत्रोच्चार और पूर्णाहुति के साथ तीन दिवसीय चतुर्वेद महायज्ञ संपन्न

सुंदरकांड पाठ, भंडारा और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही आकर्षण का केंद्र

रांची। देवी मंडप रोड स्थित हेसल शिव मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय चतुर्वेद महायज्ञ का समापन गुरुवार को वैदिक रीति-रिवाजों के साथ पूर्णाहुति एवं हवन के बाद संपन्न हो गया। कार्यक्रम का संचालन सतीश कुमार मिश्रा ने किया। समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने यज्ञ में आहुति देकर सुख-समृद्धि की कामना की।
महायज्ञ के मुख्य आयोजक गौरव साहू थे। आयोजन में सुरेंद्र साहू, सुनील साहू एवं समस्त साहू परिवार के साथ स्थानीय जनता का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

कार्यक्रम के प्रथम दिन भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर धार्मिक आस्था का परिचय दिया। इसके बाद काशी (वाराणसी) से पधारे आलोक उपाध्याय एवं उनकी टीम द्वारा ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद का वैदिक मंत्रोच्चार एवं पाठ कराया गया।
दूसरे दिन रुद्राभिषेक के साथ चारों वेदों का पाठ हुआ। संध्या आरती का आयोजन विकास मिश्रा द्वारा कराया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समापन दिवस पर पुनः चारों वेदों का पाठ कराया गया। इसके बाद हवन एवं पूर्णाहुति संपन्न हुई। शाम 4 बजे से बाहर से आए कलाकारों द्वारा संगीतमय सुंदरकांड पाठ प्रस्तुत किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जो रात्रि 10 बजे तक चला। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक उल्लास से गूंजता रहा।




