E-Paperhttps://thedainikaawaz24news.in/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifझारखंडटॉप न्यूज़राज्यलोकल न्यूज़
Trending

रांची में गूंजेगा शिवमहापुराण: पंडित प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) का आगमन तय, लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना

पूरे झारखंड के लिए आध्यात्मिक उत्सव का एक ऐतिहासिक अवसर

रांची में गूंजेगा शिवमहापुराण: पंडित प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) का आगमन तय, लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना

रांची। झारखंड की राजधानी रांची अब भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर होने जा रही है। प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आगमन के साथ शिवभक्तों के लिए एक भव्य धार्मिक आयोजन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। आगामी 7 मई 2026 से 11 मई 2026 तक रांची के कांके प्रखंड स्थित सुकुरहुटू फुटबॉल मैदान में शिव महापुराण कथा का दिव्य आयोजन होगा।

इस पांच दिवसीय कथा के दौरान समस्त झारखंडवासी भगवान शिव की महिमा, जीवन मूल्यों और आध्यात्मिक चिंतन का श्रवण कर सकेंगे। आयोजन समिति श्री शिवाला सेवा समिति के अनुसार यह आयोजन धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सनातन परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा।

🔶 प्रतिदिन 1 से 1.5 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान

समिति ने जानकारी दी कि कथा के दौरान प्रतिदिन लगभग एक से डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इस विशाल भीड़ को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन भंडारा की व्यवस्था होगी, जिसमें प्रसाद एवं भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

🔶 सुविधाओं का विशेष ख्याल

आयोजन स्थल पर पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सुविधा, विश्राम स्थल और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था की जा रही है। साथ ही स्वयंसेवकों की टीम श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन और व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहेगी।

🔶 ट्रैफिक, पार्किंग और सुरक्षा पर खास फोकस

भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन के साथ समन्वय कर पार्किंग, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत योजना बनाई गई है। शहर में ट्रैफिक डायवर्जन, आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता और भीड़ नियंत्रण को लेकर विशेष रणनीति तैयार की गई है। आयोजन स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा बल और चिकित्सा टीम की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।

आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखें और प्रशासन व स्वयंसेवकों के निर्देशों का पालन करते हुए इस भव्य आयोजन को सफल बनाएं।

👉 रांची में यह आयोजन न सिर्फ आस्था का संगम बनेगा, बल्कि पूरे झारखंड के लिए आध्यात्मिक उत्सव का एक ऐतिहासिक अवसर साबित होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!