नामकुम में दिव्यांग बच्चों को मिले सहायक उपकरण, समावेशी शिक्षा को मिला नया संबल
समग्र शिक्षा अभियान के तहत 109 बच्चों के मूल्यांकन के बाद पात्र बच्चों को जरूरत के अनुसार उपकरण वितरित, राज्य परियोजना निदेशक ने शत-प्रतिशत नामांकन पर दिया जोर

नामकुम में दिव्यांग बच्चों को मिले सहायक उपकरण, समावेशी शिक्षा को मिला नया संबल
समग्र शिक्षा अभियान के तहत 109 बच्चों के मूल्यांकन के बाद पात्र बच्चों को जरूरत के अनुसार उपकरण वितरित, राज्य परियोजना निदेशक ने शत-प्रतिशत नामांकन पर दिया जोर
रांची (नामकुम): समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद् एवं प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी), नामकुम के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय परिसर स्थित समावेशी शिक्षा संसाधन केंद्र में दिव्यांग बच्चों के लिए सहायक यंत्र एवं उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पात्र बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए, जिससे उनके शिक्षण-अधिगम, संचार, गतिशीलता और दैनिक जीवन की गतिविधियों में सुविधा मिलेगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने कहा कि समावेशी शिक्षा का उद्देश्य प्रत्येक दिव्यांग बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, समान एवं सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी पात्र दिव्यांग बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने, नियमित उपस्थिति पर ध्यान देने तथा आवश्यकतानुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर बल दिया।
जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज ने कहा कि समावेशी शिक्षा केवल एक योजना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को समान अवसर प्रदान करने का संकल्प है। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से दिव्यांग बच्चों की नियमित शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने की अपील की।
राज्य नोडल पदाधिकारी (समावेशी शिक्षा) गुरुआनशु एवं राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी अरविंद कुमार ने योजनाओं का लाभ सभी पात्र बच्चों तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंचाने पर जोर दिया। वहीं, साइटसेवर्स झारखंड के कंसल्टेंट चंदन कुमार ने दिव्यांग बच्चों के पुनर्वास और सहायक उपकरणों के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी।
शिविर में प्रखंड विकास पदाधिकारी पिंकी प्रियंका हेम्ब्रम, अंचल अधिकारी कमल किशोर, प्रखंड प्रमुख आशा कच्छप, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी प्रभाकर कुमार, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी विजय कुमार, समावेशी शिक्षा समन्वयक रजनी गंधा सहित कई अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक एवं दिव्यांग बच्चे उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि पूर्व में आयोजित मूल्यांकन शिविर में 109 दिव्यांग बच्चों का परीक्षण किया गया था। इसी के आधार पर पात्र बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक यंत्र एवं उपकरण वितरित किए गए। कार्यक्रम के अंत में अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद् के प्रति आभार व्यक्त किया।




