
चंदवा CHC की बदहाली पर एक्शन मोड में स्वास्थ्य विभाग, सौरभ श्रीवास्तव की पहल के बाद 30 दिनों में MBBS डॉक्टर का आश्वासन
सड़क हादसे के बाद जागी व्यवस्था: चंदवा अस्पताल में डॉक्टर, एम्बुलेंस और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार का भरोसा
लातेहार, 25 जुलाई: चंदवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता सौरभ श्रीवास्तव ने शनिवार को लातेहार स्थित सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचकर सिविल सर्जन से मुलाकात की और विस्तृत मांगपत्र सौंपा। उन्होंने हाल ही में दामोदर क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद अस्पताल में सामने आई अव्यवस्थाओं का हवाला देते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को तत्काल मजबूत करने की मांग की।
सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि चंदवा CHC क्षेत्र का प्रमुख सरकारी अस्पताल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद अस्पताल में पर्याप्त MBBS चिकित्सकों की कमी, 24 घंटे एम्बुलेंस की अनुपलब्धता तथा अल्ट्रासाउंड मशीन सहित आधुनिक चिकित्सा उपकरणों का अभाव गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इन कमियों के कारण लोगों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है और क्षेत्र की बड़ी आबादी प्रभावित हो रही है।
मुलाकात के दौरान सिविल सर्जन ने सभी मांगों को गंभीर और न्यायोचित बताते हुए सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उपायुक्त के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है तथा DMFT कोष के माध्यम से अगले 30 दिनों के भीतर चंदवा CHC में एक MBBS चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
एम्बुलेंस की मांग पर सिविल सर्जन ने भरोसा दिलाया कि स्थानीय औद्योगिक एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से अस्पताल में 24 घंटे उपलब्ध रहने वाली एम्बुलेंस की व्यवस्था की दिशा में पहल जारी है। वहीं अल्ट्रासाउंड मशीन और अन्य आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना की प्रक्रिया भी तेज़ करने का आश्वासन दिया गया।
मुलाकात के बाद सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि सिविल सर्जन ने लगभग 30 दिनों के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का भरोसा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वे राज्य के स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराएंगे और आवश्यक कार्रवाई की मांग करेंगे।
सौरभ श्रीवास्तव की इस पहल का चंदवा क्षेत्र के लोगों ने स्वागत किया है। स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई कि इस प्रयास से वर्षों से लंबित स्वास्थ्य समस्याओं का स्थायी समाधान निकलेगा। हालिया सड़क हादसे के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बढ़ी जनचिंता के बीच इस पहल को क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।




