पेट्रोल-डीजल, महंगाई और राशन कार्ड रद्दीकरण पर केंद्र सरकार को घेरा
चुनाव देखकर तय होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम : विनोद कुमार पांडेय

पेट्रोल-डीजल, महंगाई और राशन कार्ड रद्दीकरण पर केंद्र सरकार को घेरा
चुनाव देखकर तय होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम : विनोद कुमार पांडेय
रांची, 13 मई : झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने केंद्र सरकार पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों, बढ़ती महंगाई, कमजोर होती अर्थव्यवस्था और राशन कार्ड रद्दीकरण को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आर्थिक नीतियों के नाम पर आम जनता को लगातार बोझ तले दबा रही है और योजनाबद्ध तरीके से गरीबों के अधिकार छीनने का काम कर रही है।
रांची में जारी प्रेस विज्ञप्ति में विनोद कुमार पांडेय ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हालिया बयान को जनता को भ्रमित करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार नहीं, बल्कि भाजपा की “चुनावी तेल नीति” तय करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में पांच राज्यों के चुनाव के दौरान 137 दिनों तक पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखे गए, जबकि बाद में कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद जनता को राहत नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 से पहले अचानक ₹2 प्रति लीटर की कटौती यह साबित करती है कि सरकार के फैसले आर्थिक आधार पर नहीं, बल्कि चुनावी लाभ-हानि को देखकर लिए जाते हैं। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकारी तेल कंपनियों ने वित्त वर्ष 2023-24 में रिकॉर्ड मुनाफा कमाया, तब “अंडर-रिकवरी” की बात क्यों कही जा रही है।
झामुमो महासचिव ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 से अब तक केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल पर टैक्स के जरिए लाखों करोड़ रुपये की वसूली कर चुकी है, जिसका सीधा बोझ आम जनता पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को आर्थिक नीति नहीं, बल्कि राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया।
महंगाई और अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और रुपये की कमजोरी देश की आर्थिक स्थिति का संकेत है। उन्होंने कहा कि आम लोगों की आय और बचत नहीं बढ़ी, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। इससे आम नागरिकों की क्रय शक्ति कमजोर हुई है और लोग आर्थिक असुरक्षा महसूस कर रहे हैं।
राशन कार्ड रद्दीकरण के मुद्दे पर भी उन्होंने भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि बिहार के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी गरीबों को योजनाओं से वंचित करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही आरोप लगाया कि झारखंड में भी गरीब, आदिवासी और मूलवासियों का राशन छीनने की साजिश की जा रही है।
विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा गरीबों के अधिकारों पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं करेगा और हर जरूरतमंद परिवार को राशन, सामाजिक सुरक्षा तथा सम्मानपूर्वक जीवन का अधिकार मिलना चाहिए।




