शिव महापुराण कथा, पंडित प्रदीप मिश्रा जी सीहोर वाले
आंधी-बारिश के बीच पंडाल में डटे रहे श्रद्धालु, बाबा के संदेश ने जीता दिल

रांची में शिवभक्ति का महासागर, तेज बारिश भी नहीं रोक सकी श्रद्धालुओं की आस्था
श्री शिव महापुराण कथा के पाँचवें दिन उमड़ा तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं का ऐतिहासिक जनसैलाब
रांची। सुकुरहुटू स्थित फुटबॉल मैदान में श्री शिवाला सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित पूज्य पंडित प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से प्रवाहित दिव्य श्री शिव महापुराण कथा के पाँचवें दिन आस्था, भक्ति और समर्पण का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। तेज बारिश और आंधी जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद लाखों श्रद्धालुओं की श्रद्धा तनिक भी डगमगाती नजर नहीं आई। मौसम की चुनौती के बीच भी पूरा कथा स्थल “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंजता रहा और श्रद्धालु अंत तक अपने स्थान पर अडिग बैठे कथा का रसपान करते रहे।

कथा के दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ आंधी शुरू हो गई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था इतनी प्रबल रही कि जब तक पूज्य बाबा स्वयं व्यासपीठ से नहीं उठे, तब तक किसी ने भी पंडाल छोड़ना उचित नहीं समझा। श्रद्धा और अनुशासन का यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए अविस्मरणीय बन गया। स्थिति को देखते हुए पूज्य बाबा ने श्रद्धालुओं से धैर्य एवं संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आज कथा में आए व्यवधान की भरपाई अगले दिन की कथा में की जाएगी। बाबा के इस आश्वासन के बाद ही श्रद्धालु शांतिपूर्वक एवं व्यवस्थित ढंग से बाहर निकले।
अपने प्रेरणादायक प्रवचन में पूज्य बाबा ने भगवान
पशुपतिनाथ के दिव्य स्वरूप एवं महात्म्य का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव पशुपतिनाथ रूप में समस्त जीवों के रक्षक हैं और जो भक्त सच्चे मन से शिव आराधना करता है, उसके जीवन के दुख, संकट और कष्ट स्वतः समाप्त होने लगते हैं। बाबा ने श्रद्धालुओं से प्रतिदिन शिव मंदिर जाने, नियमित रूप से भगवान शिव का स्मरण करने तथा भजन-कीर्तन में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिव भक्ति मनुष्य के जीवन में सकारात्मकता, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करती है।
पूरे कथा स्थल पर दिनभर भक्ति का अद्भुत वातावरण बना रहा। भजन-कीर्तन के दौरान श्रद्धालु पूरी तरह शिवमय दिखाई दिए। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर यह आयोजन रांची की धार्मिक चेतना का केंद्र बन चुका है।
आज के मुख्य यजमान विवेक कुमार एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती विनीता कुमारी रहे। इसके अतिरिक्त रांची के अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग कथा में उपस्थित होकर पूज्य बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करते नजर आए। आयोजन समिति के अनुसार पाँचवें दिन तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई, जिसे अब तक की सबसे ऐतिहासिक भीड़ माना जा रहा है।
श्री शिवाला सेवा समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, पार्किंग एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के व्यापक प्रबंध किए गए थे। समिति के स्वयंसेवक लगातार सेवा कार्यों में जुटे रहे, वहीं प्रशासन का भी आयोजन को सफल एवं व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
रांची की पावन धरती पर आयोजित यह दिव्य श्री शिव महापुराण कथा प्रतिदिन नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है और लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक जागरण का विराट केंद्र बनती जा रही है।




