जंगली हाथी का आतंक
लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र में एक बार फिर जंगली हाथियों का आतंक देखने को मिला

आधी रात को गांव में घुसा जंगली हाथियों का झुंड, तीन घर किए ध्वस्त, क्विंटलों अनाज चट; पीड़ित परिवारों ने मांगी तत्काल राहत
चंदवा (लातेहार), 9 जुलाई। लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र में एक बार फिर जंगली हाथियों का आतंक देखने को मिला। बुधवार की देर रात लाधुप पंचायत के बैलगड़ा और जमीरा पंचायत के तुपी गांव में हाथियों का झुंड अचानक घुस आया। हाथियों ने तीन ग्रामीणों के घरों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और घरों में रखा कई क्विंटल धान, चावल व महुआ खा गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
बैलगड़ा गांव में सबसे अधिक नुकसान
बैलगड़ा निवासी निरंजन लोहरा (पिता–साजन लोहरा) के कच्चे मकान को हाथियों ने पूरी तरह तोड़ दिया। घर में रखा लगभग 5 क्विंटल धान, 3.5 क्विंटल महुआ और 1 क्विंटल चावल हाथियों ने खा लिया, जबकि बड़ी मात्रा में अनाज पैरों तले रौंदकर बर्बाद कर दिया। मकान गिरने से परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है।
तुपी गांव में भी दो घर उजड़े
हाथियों का झुंड इसके बाद जमीरा पंचायत के तुपी गांव पहुंचा, जहां भोला गंझु (पिता–मंगरा गंझु) और कैला गंझु (पिता–सुकरा गंझु) के घरों पर हमला कर दिया। दोनों मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए। ग्रामीणों के अनुसार घरों में रखा करीब 3 क्विंटल चावल भी हाथियों ने खा लिया और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाया।
जान बचाकर भागे परिवार
घटना के समय सभी लोग गहरी नींद में थे। अचानक हाथियों की आवाज और घर टूटने की आहट सुनकर परिवार के सदस्य किसी तरह बाहर निकलकर भागे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद महिलाएं और बच्चे भयभीत हैं और रात के समय गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
बरसात में बेघर हुए पीड़ित
लगातार हो रही बारिश के बीच मकान टूट जाने से प्रभावित परिवारों के सामने रहने और खाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। घरों में रखा खाद्यान्न नष्ट होने से उनके सामने रोजमर्रा के जीवन का भी संकट उत्पन्न हो गया है।
मुआवजे और राहत की मांग
लाधुप पंचायत समिति सदस्य बुधन गंझु ने वन विभाग से प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा देने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षति का शीघ्र आकलन कर आर्थिक सहायता देने, अस्थायी आवास की व्यवस्था करने तथा हाथियों के लगातार बढ़ते आतंक पर प्रभावी नियंत्रण के लिए स्थायी उपाय करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। यदि वन विभाग ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में जान-माल का और भी बड़ा नुकसान हो सकता है।




