आचार्य कुल झारखंड प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने हजारीबाग में शिक्षाविदों एवं जनप्रतिनिधियों से किया संवाद*

- *आचार्य कुल झारखंड प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने हजारीबाग में शिक्षाविदों एवं जनप्रतिनिधियों से किया संवाद*

हजारीबाग, 9 जून 2026।
संवाददाता : दीपक चौबे के रिपोर्ट
Jharkhand : आचार्यकुल झारखंड प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को हजारीबाग में विभिन्न शिक्षाविदों एवं जनप्रतिनिधियों से शिष्टाचार भेंट कर *आचार्यकुल संदेश* स्मारिका के लिए शुभकामना संदेश तथा *स्वस्थ समाज रचना : दशा एवं दिशा* विषय पर आलेख प्रदान करने का अनुरोध किया।
प्रतिनिधिमंडल में आचार्य कुल झारखंड प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. वासुदेव प्रसाद, आचार्यकुल संदेश स्मारिका के संपादक एवं गोस्सनर कॉलेज, रांची के सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रशांत गौरव, संपादक मंडल की सदस्या डॉ. कविता सिन्हा तथा प्रदेश महामंत्री डॉ. ओम प्रकाश शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद, आईसेक्ट विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. स्मृति रंजन रथ तथा विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के प्रख्यात शिक्षाविद् एवं विद्वान डॉ. सुबोध सिंह शिवगीत से भेंट कर स्मारिका के उद्देश्यों एवं विषयवस्तु से अवगत कराया। इस दौरान उनसे स्वस्थ, जागरूक एवं मूल्यनिष्ठ समाज के निर्माण संबंधी विचार एवं आलेख उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया।

प्रदेश महामंत्री डॉ. ओम प्रकाश ने बताया कि आचार्यकुल का मूल मंत्र *जय जगत*, लक्ष्य *विश्व शांति* तथा तंत्र *ग्राम स्वराज्य* है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों, स्वास्थ्य चेतना और मानवीय संवेदनाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से *स्वस्थ समाज रचना : दशा एवं दिशा* विषय पर केंद्रित स्मारिका का प्रकाशन किया जा रहा है।
प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. वासुदेव प्रसाद ने कहा कि शिक्षा और संस्कार ही समाज परिवर्तन के सबसे प्रभावी साधन हैं। वहीं डॉ. प्रशांत गौरव ने बताया कि स्मारिका में देशभर के शिक्षाविदों, चिंतकों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों के विचारों को स्थान दिया जाएगा, जिससे यह प्रकाशन एक महत्वपूर्ण वैचारिक दस्तावेज के रूप में समाज का मार्गदर्शन कर सके।
भेंट के दौरान सभी गणमान्य व्यक्तियों ने आचार्यकुल के उद्देश्यों की सराहना करते हुए स्मारिका के सफल प्रकाशन हेतु अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रयास स्वस्थ, शिक्षित, संस्कारित एवं शांतिपूर्ण समाज के निर्माण की दिशा में सार्थक योगदान देगा।




